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शिशॠमां के पेट में ही हिचकियां लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं और इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही से। जनà¥â€à¤® के बाद शिशॠको हिचकी आने के हो सकते हैं :
इसमें पेट में मौजूद खाना वापस à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में चला जाता है। शिशॠका रिफकà¥â€à¤¸ पूरी तरह से विकसित नहीं हà¥à¤† होता है। खाने के वापस à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में जाने और नसों की कोशिकाओं में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ टà¥à¤°à¤¿à¤—र करने पर डायफà¥à¤°à¤¾à¤® में दिकà¥â€à¤•त होने लगती है जिससे हिचकियां शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।
मां का दूध या बोतल से à¤à¥€ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पीने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ का पेट फूल सकता है। पेट के अचानक फूलने पर डायफà¥à¤°à¤¾à¤® खिंच जाता है जिससे à¤à¤‚ठन शà¥à¤°à¥‚ होती है। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को हिचकियां आती हैं।
​à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ à¤à¥€ हैं कारण
बचà¥â€à¤šà¥‡ को फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• या बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में मौजूद किसी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की वजह से à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में सूजन आ सकती है। इसमें डायफà¥à¤°à¤¾à¤® में दिकà¥â€à¤•त होती है जिससे हिचकियां आने लगती हैं।
इसके अलावा असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ में फेफड़ों की बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइल टà¥à¤¯à¥‚बों में सूजन आती है जिससे फेफड़ों तक हवा नहीं पहà¥à¤‚च पाती है। इससे सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त होती है और घरघराहट रहती है। इसकी वजह से डायफà¥à¤°à¤¾à¤® में à¤à¤‚ठन उठती है और हिचकियां शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।
हिचकियां रोकने के तरीके
शिशॠको हिचकियां आना शà¥à¤°à¥‚ होने पर आप कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों की मदद से इसे रोक सकती हैं :
अगर बचà¥â€à¤šà¥‡ ने ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है जो उसकी जीठपर थोड़ी-सी चीनी रख दें। अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ छोटा है तो उसके पैसिफायर में ताजा शà¥à¤—र सिरप रखकर मà¥à¤‚ह में डाल दें।
हिचकियां आने पर शिशॠको अपनी गोद में उलà¥â€à¤Ÿà¤¾ लिटाà¤à¤‚ या कंधे पर रखें और उसकी पीठको सरà¥à¤•à¥à¤²à¤° मोशन में मलें।
हर बार दूध पिलाने के बाद बचà¥â€à¤šà¥‡ को कंधे पर रखकर डकार जरूर दिलवाà¤à¤‚। इससे डायफà¥à¤°à¤¾à¤® सही पोजीशन में रहता है। आप डकार दिलवाने के लिठउसकी पीछ को à¤à¥€ थपथपा सकती हैं।
शिशॠकी हिचकियां रोकने के लिठआप गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर का à¤à¥€ इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। साफ पीने के पानी में गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर मिलाकर दें।
​जब जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आने लगे हिचकियां
नवजात शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अमूमन हर रोज कà¥à¤› मिनट या à¤à¤• घंटे के लिठहिचकियां आती ही हैं। अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ खà¥à¤¶ है और उसे इससे कोई परेशानी नहीं हो रही है जो चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन अगर हिचकियां कम होती नजर नहीं आ रही हैं और इसे काफी देर हो गई है यह किसी परेशानी का संकेत हो सकता है।
वहीं अगर हिचकियां लेते समय घरघराहट की à¤à¥€ आवाज आ रही है तो आपको डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करना चाहिà¤à¥¤
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